Friday, October 20, 2017

समझ जाता है हर धड़कन,भले ही राज़ लिखता हूं,
कुछ युं सीधा कुछ युं सरल, मैं अल्फाज लिखता हूं…
इंदर भोले नाथ…
हर शख्स यहां अधुरा, हर रिश्ता बिखरा हुआ सा है,
आजकल मिजा़ज मेरे शहेर का कुछ उखड़ा हुआ सा है…
…इंदर भोले नाथ

Wednesday, March 22, 2017

ये गुनाह करते हैं...


कभी खामोश तो कभी बयां करते हैं,
बे-वजह दिल को युं परेशां करते हैं,
जन्नत-ए-इश्क के मुकाम ने हमें तबाह कर दिया
फिर भी न जाने क्युं ये गुनाह करते हैं...

Translate:-

Kabhi Khamosh To Kabhi Bayaan Karte Hain,
Be-wajah Dil Ko Yun  Pareshaan Karte Hain,
Jannat-E-Ishq Ke Mukaam Ne  Hamen Tabaah Kar Diya
Fir  Bhi N Jane Q Ye Gunaah Karte  Hain ....

....इंदर भोले नाथ

Sunday, March 19, 2017

तेरे इश्क से


तेरे इश्क से जो महरूम हुए
दफन ख्वाहिश-ए-आरज़ू तमाम हो गये,
साज़िस ज़िन्दगी ने की
कम्बख्त हम बदनाम हो गये...

------इंदर भोले नाथ

फुरसत...


रहा खुद मे मैं बाकी अब कहां
कुछ युं हुआ है तुं मुझमे रवां
खुद का ख्याल अब मैं रख सकुं
तुझे सोचने के बाद है फुरसत कहां...

-------इंदर भोले नाथ

Tuesday, June 28, 2016

देश के खास मंदिर

करणी माता मंदिर

इस मंदिर को चूहों वाली माता का मंदिर, चूहों वाला मंदिर और मूषक मंदिर भी कहा जाता है, जो राजस्थान के बीकानेर से 30 किलोमीटर दूर देशनोक शहर में स्थित है। करनी माता इस मंदिर की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनकी छत्रछाया में चूहों का साम्राज्य स्थापित है। इन चूहों में अधिकांश काले है, लेकिन कुछ सफेद भी है, जो काफी दुर्लभ हैं। मान्यता है कि जिसे सफेद चूहा दिख जाता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
















ज्वालामुखी मंदिर

ज्वाला देवी का प्रसिद्ध ज्वालामुखी मंदिर हिमाचल प्रदेश के कालीधार पहाड़ी के मध्य स्थित है। यह भी भारत का एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जिसके बारे में मान्यता है कि इस स्थान पर पर माता सती की जीभ गिरी थी। माता सती की जीभ के प्रतीक के रुप में यहां धरती के गर्भ से लपलपाती ज्वालाएं निकलती हैं, जो नौ रंग की होती हैं। इन नौ रंगों की ज्वालाओं को देवी शक्ति का नौ रुप माना जाता है। ये देवियां है: महाकाली, अन्नपूर्णा, चंडी, हिंगलाज, विन्ध्यवासिनी, महालक्ष्मी, सरस्वती, अम्बिका और अंजी देवी।

किसी को यह ज्ञात नहीं है कि ये ज्वालाएं कहां से प्रकट हो रही हैं? ये रंग परिवर्तन कैसे हो रहा है? आज भी लोगों को यह पता नहीं चल पाया है यह प्रज्वलित कैसे होती है और यह कब तक जलती रहेगी? कहते हैं, कुछ मुस्लिम शासकों ने ज्वाला को बुझाने के प्रयास किए थे, लेकिन वे विफल रहे।
















काल भैरव मंदिर

मध्य प्रदेश के शहर उज्जैन से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है भगवान काल भैरव का एक प्राचीन मंदिर। श्रद्धालु उन्हें प्रसाद के तौर पर केवल शराब ही चढ़ाते हैं। आश्चर्यजनक यह है कि जब शराब का प्याला काल भैरव की प्रतिमा के मुख से लगाया जाता है, तो वह एक पल में खाली हो जाता है।
















मेहंदीपुर बालाजी मंदिर

राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर का बालाजी धाम भगवान हनुमान के 10 प्रमुख सिद्धपीठों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस स्थान पर हनुमानजी जागृत अवस्था में विराजते हैं। यहां देखा गया है कि जिन व्यक्तियों के ऊपर भूत-प्रेत और बुरी आत्माओं का वास होता है, वे यहां की प्रेतराज सरकार और कोतवाल कप्तान के मंदिर की जद में आते ही चीखने-चिल्लाने लगते हैं और फिर वे बुरी आत्माएं, भूत-पिशाच आदि पल भर पीड़ितों के शरीर से बाहर निकल जाती हैं।

ऐसा कैसे होता है, यह कोई नहीं जानता है? लेकिन लोग सदियों से भूत-प्रेत और बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं। इस मंदिर में रात में रुकना मना है।


Monday, June 27, 2016

ख़ौफज़दा दिल…

बड़ा ही ख़ौफज़दा है दिल,इन फरेबी हुक्मरानों से,
हयात-ए-आबरू लूटते देखा,अपने ही पासबानों से…
…इंदर भोले नाथ…
ख़ौफज़दा-डरा हुआ
फरेबी- झूठा
हुक्मरानों- नियम बनाने वाले
हयात- जीवन
आबरू- मर्यादा
पासबानों- रक्षक-चौकीदार