तेरे दीदार ने हमें युं
तेरा मुरीद बना डाला,
दिल ए चिराग़ हुए रोशन युं
के हमने ईद मना डाला.....
.... इंदर भोले नाथ
तेरा मुरीद बना डाला,
दिल ए चिराग़ हुए रोशन युं
के हमने ईद मना डाला.....
.... इंदर भोले नाथ
इंदर भोले नाथ....... आधुनिक हिंदी साहित्य से परिचय और उसकी प्रवृत्तियों की पहचान की एक विनम्र कोशिश : भारत