हर आँसू के छलकते पैमाने पे,तेरा नाम लिख दिया, हर दर्द से निकली आह पे, तेरा नाम लिख दिया...! तूँ फ़िक्र ना कर हमारी "ज़िंदगी" का "इंदर", तेरी यादों के नाम, मैने "ज़िंदगी" तमाम लिख दिया...!!
कुछ पूरी, कुछ अधूरी है कहानी अपनी, कुछ पाने की चाह मे,बीत रही जवानी अपनी..! न जाने कब से चल रहें, मंज़िल की तलाश में, कुछ कट चुकी, कुछ बाकी है जिंदगानी अपनी...!!