वक्त गुजरे दिन में,
दिन गुज़र गयें सालों में,
दिल आज भी खोया हुआ है,
उस अजनबी के खयालों में....
दिन गुज़र गयें सालों में,
दिल आज भी खोया हुआ है,
उस अजनबी के खयालों में....
इंदर भोले नाथ....... आधुनिक हिंदी साहित्य से परिचय और उसकी प्रवृत्तियों की पहचान की एक विनम्र कोशिश : भारत
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