Thursday, April 4, 2019

गज़ल (ज़िंदगी ला-जवाब लिखा है...

गज़ल

तेरे कूचे से गुजर के हमने,
ज़िंदगी ला-जवाब लिखा है...

हर इक पल गुजारा सदियों में,
ज़िंदगी  बे-हिसाब लिखा है....

दिल में है लाखों हसरतें तो,
आंखों में कई खाब लिखा है...

ऐ जिंदगी आज कल हमने,
तेरा नाम मा-हताब लिखा है...


Wednesday, April 3, 2019

गज़ल (.प्यार की किमत क्या होगी

जिंदगी लुटा दी हमने तुम पर
और....प्यार की किमत क्या होगी

फना हुए चाहत में तेरी
और.....यार की किमत क्या होगी

बरसें पतझड़ में बादल बनके
और...बहार की किमत क्या होगी

है बसर अब भी तेरी यादों में
और...एतबार की किमत क्या होगी

उम्र गुजरी इक आस में
और...इंतजार की किमत क्या होगी

जिंदगी लुटा दी हमने उस पर
और......प्यार की किमत क्या होगी

Monday, March 25, 2019

शायरी (इश्क़ में दिखायेंगे उन्हें

ऐ कारवां निशां बना दे तू ,कदमों के मेरे,
किस कदर भटके हैं इश्क़ में दिखायेंगे उन्हें

शायरी (ऐ जिंदगी कभी मील....

ऐ जिंदगी कभी मील,फिर उस बचपन की तरह,
गहरी रंजिशों में डूब गयी है जवानी आज कल....

शायरी (दास्ताँ सफर में गुजर गई....

कभी जीस्म से निकल गई कभी रूह तक उतर गई,
आधी जिन्दगी की दास्ताँ सफर में गुजर गई....

शायरी (मंजिल कि इसे खबर ही नहीं.....

इक अजीब सा मुसाफ़िर है दिल, सफर पे तो निकल पडा़
पर इसे जाना कहाँ है, मंजिल कि इसे खबर ही नहीं.....

शायरी (इंसानी खयालात हो गई है....

कुछ इस कदर इंसानों कि हालात हो गई है,
जानवरों से बद्तर,इंसानी खयालात हो गई है