Monday, April 11, 2016

ज़रिया है…

सिमटी मेरी दुनिया
तेरे बाहों के दरमियाँ
तूँ मेरी दुनिया ही नहीं
मेरे जीने का ज़रिया है…
…इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/

Monday, April 4, 2016

है आरज़ू यही अब

है आरज़ू यही अब
यूँ ज़िंदगी बसर हो
रहें काफिलों के संग
पर तन्हा सफ़र हो
…इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/

इतना मुश्किल भी नहीं

इतना मुश्किल भी नहीं “इंदर”
अल्फाज़ों को अक्स देना
उल्फ़त-ए-मंज़िल के किनारों तक
गर इश्क़ न पहुँचा हो…
…इंदर भोले नाथ…
merealfaazinder.blogspot.in

अरसा गुजर गये

अरसा गुजर गये हमें
मुस्कराना भूले हुए
है ज़िंदगी अजीब तूँ
हमें रुलाना नहीं भूली
…इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/


Saturday, April 2, 2016

इक मुलाक़ात तो कर












…इंदर भोले नाथ…
merealfaazinder.blogspot.in
Whatsapp- 9736423320

Friday, April 1, 2016

ख्वाबों की तरह..

ख्वाबों की तरह रुख्सत सी हुई
“ज़िंदगी” तूँ जब अब्सारों से…
है धुंधला सा हुआ चिराग-ए-दिल
राह-ए-उल्फत के नज़ारों से…

…इंदर भोले नाथ…
merealfaazinder.blogspot.in
Whatsapp- 9736423320

Friday, March 18, 2016

वक़्त कर लेता है रुख्सत
शायद बीते लम्हों से…
ख़ता तो दिल की होती है
यादों मे खोये रहने की…
…इंदर भोले नाथ…
http://merealfaazinder.blogspot.in/