Thursday, September 17, 2015

कुछ इस कदर से अब,तुझे अपना समझने लगें,
खुद का ख़याल भी अब,बस तेरे लिए रखते हैं.....

Acct- IBN_


Monday, September 14, 2015

भीगती है रूह-ए-बंजर बस,
तेरी यादों के साये मे...
ये मुलाकात तो बस जिस्म की,
प्यास मिटाती है....

मुद्दतो बीते.....तेरे दिदार को ऐ-इंदर,


के अब तो ख़यालों मे भी तेरा चेहरा
फीका सा पड़ गया है.....!!


हर आँसू के छलकते पैमाने पे,तेरा नाम लिख दिया,
हर दर्द से निकली आह पे, तेरा नाम लिख दिया...!
तूँ फ़िक्र ना कर हमारी "ज़िंदगी" का "इंदर",
तेरी यादों के नाम, मैने "ज़िंदगी" तमाम लिख दिया...!!


Sunday, September 13, 2015

हिन्दी हमारी आन, हिन्दी हमारी शान,
हिन्दी से बनी है,हम भारतीयों की पहचान...
हिन्दी हमारी मातृभाषा, है देश हिन्दुस्तान....!!
हिन्दी दिवस की हार्दिक बधाई....आप सभी को

Saturday, September 12, 2015

तन्हाइयों की आदत सी हो गयी है,
तमन्नाओ की शहादत सी हो गयी है...!
रहना चाहता हू,अब अकेले ही हरपल,
महफ़िलों से अब शिकायत सी हो गयी है...!!

यादगार लम्हें :.....
अर्ज़ किया है :-
वो भी क्या दौर था, जब खुशियों का मज़ा डबल था,
वाह वाह वाह वाह.....
वो भी क्या दौर था, जब खुशियों का मज़ा डबल था,
प्यार के लिए माँ की गोद, मार के लिए हवाई चप्पल था....