Wednesday, March 21, 2018

आप ही खो गये...

आए थें दर पे तेरी तलाश को,
मुख्तलिफ जो हुएँ आप ही खो गये....

.....IBN

Monday, December 4, 2017

यादों के पन्ने से…..

हर शाम….
नई सुबह का इंतेजार
हर सुबह….
वो ममता का दुलार
ना ख्वाहिश,ना आरज़ू
ना किसी आस पे
ज़िंदगी गुजरती थी…
हर बात….
पे वो जिद्द अपनी
मिलने की….
वो उम्मीद अपनी
था वक़्त हमारी मुठ्ठी मे
मर्ज़ी के बादशाह थे हम
थें लड़ते भी,थें रूठते भी
फिर भी बे-गुनाह थें हम
वो सादगी कहीं खो गई
शराफ़त ने चोला ओढ़ ली
कुछ यूँ…
रफ़्तार ज़िंदगी ने ली
मर्ज़ी ने दम तोड़ दी……….
अल्फ़ाज़ मेरे दिल के…….IBN
Blog-http://merealfaazinder.blogspot.in

Monday, November 27, 2017

बाकी न रही अब चाह कोई “इंदर” के सीने मे,
कुछ इस क़दर टूटा है दिल ज़िंदगी को जीने मे…
हर ज़ाम पे जलता है दिल हर रोज शाम को,
पर सच कहूँ तुम्हे यारों मज़ा फिर भी है पीने मे…
………….अल्फ़ाज़ मेरे दिल के

Wednesday, November 22, 2017

बेख़बर हो चला हूँ मैं अपनी ही तबीयत से,
न जाने आजकल किस जहाँ मे खोया हुआ हूँ मैं…
….IBN